चांदी में सभी धातुओं की तुलना में सबसे अधिक विद्युत और तापीय चालकता होती है, और इसका उपयोग अक्सर अत्यधिक संवेदनशील भौतिक उपकरण तत्वों, विभिन्न स्वचालन उपकरणों, रॉकेटों, पनडुब्बियों, कंप्यूटरों, परमाणु उपकरणों और संचार प्रणालियों के निर्माण में किया जाता है। इसकी अच्छी जलरोधी क्षमता और तरलता के कारण,चाँदीऔरचाँदीवेल्डिंग सामग्री में भी मिश्र धातुओं का आमतौर पर उपयोग किया जाता है।
चांदी का सबसे महत्वपूर्ण यौगिक सिल्वर नाइट्रेट है। चिकित्सा में, सिल्वर नाइट्रेट के जलीय घोल का उपयोग अक्सर आईड्रॉप के रूप में किया जाता है, क्योंकि चांदी के आयन बैक्टीरिया को प्रभावी ढंग से मार सकते हैं।
चांदी एक खूबसूरत चांदी-सफेद धातु है जो लचीली होती है और आभूषणों, गहनों, चांदी के बर्तनों, पदकों और स्मारक सिक्कों में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
शुद्ध चांदी के भौतिक गुण:
| सामग्री | संघटन | घनत्व (ग्राम/सेमी³) | प्रतिरोधकता (μΩ.cm) | कठोरता (एमपीए) |
| Ag | >99.99 | >10.49 | <1.6 | >600 |
विशेषताएँ:
(1) शुद्ध चांदी की विद्युत चालकता अत्यंत उच्च होती है
(2) बहुत कम संपर्क प्रतिरोध
(3) आसानी से सोल्डर किया जा सकता है
(4) इसका उत्पादन आसान है, इसलिए चांदी एक आदर्श संपर्क सामग्री है।
(5) यह कम क्षमता और वोल्टेज में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में से एक है।
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